SPECIAL REPORT Imphal
प्रकाशित तिथि: 2026-10-30 14:25:19 Koshi Voice News Desk
इम्फाल के विस्थापित राहत शिविरों में मोबाइल शिक्षा वैन: बच्चों की पढ़ाई को मिली नई उड़ान

मणिपुर की राजधानी इम्फाल में जातीय हिंसा और अस्थिरता के कारण विस्थापित हुए परिवारों के बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विस्थापित राहत शिविरों में रह रहे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए विशेष मोबाइल शिक्षा वैन की व्यवस्था की गई है। ये वैन न केवल पठन-पाठन सामग्री और कक्षाओं से लैस हैं, बल्कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए खेल उपकरण भी उपलब्ध करा रही हैं।

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राज्य शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिविरों में रह रहे सैकड़ों बच्चों को नियमित शिक्षा से जोड़े रखना है। प्रत्येक मोबाइल वैन में प्रशिक्षित शिक्षक और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं, जो बच्चों को बुनियादी विषयों के साथ-साथ जीवन कौशल और तनाव प्रबंधन की शिक्षा भी दे रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल शिविरों में शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने और बच्चों को सामान्य जीवन की ओर लौटाने में मददगार साबित हो रही है।

मोबाइल शिक्षा वैन में किताबें, स्टेशनरी, चित्रकला सामग्री और खेल उपकरण जैसे फुटबॉल, कैरम और रस्सी कूदने के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों का भी इसमें सहयोग मिल रहा है, जो बच्चों के लिए मनोरंजन और सृजनात्मक गतिविधियों का आयोजन करते हैं। शिविरों में रहने वाले अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनके बच्चों को न केवल शिक्षा मिल रही है, बल्कि वे मानसिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं।

शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वैन को शिविरों के बीच एक निर्धारित समय-सारणी के अनुसार भेजा जा रहा है, ताकि हर बच्चे तक शिक्षा पहुंच सके। इसके अलावा, बच्चों की प्रगति पर नजर रखने के लिए शिक्षकों द्वारा रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि विस्थापन के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और उनका भविष्य सुरक्षित रहे।

इम्फाल में विस्थापितों की संख्या हजारों में है, और ऐसे में मोबाइल शिक्षा वैन एक आशा की किरण बनकर उभरी है। यह पहल न केवल शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करती है, बल्कि बच्चों के मन में स्थिरता और सुरक्षा की भावना भी पैदा करती है। स्थानीय समुदाय और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि शिविरों में रह रहे हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल का अवसर मिल सके।

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