इम्फाल शहर में स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नगर निगम ने प्रमुख बाजारों और पर्यटन स्थलों पर कूड़ा उठाव तथा फॉगिंग व्यवस्था को पहले से अधिक बेहतर और प्रभावी बना दिया है। यह पहल शहर को स्वच्छ, हरा-भरा और रोगमुक्त बनाने की दिशा में एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छता अभियान के तहत शहर के सभी प्रमुख बाजारों—जैसे पाइसा ज़ुबा, ख्वाईरामबंद, और सिंगजामेई—में कूड़ा उठाव के लिए अतिरिक्त वाहन और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। अब कूड़ा उठाव का कार्य दिन में दो बार किया जा रहा है, जिससे कचरा जमा नहीं हो पाता और बाजार परिसर स्वच्छ बना रहता है। साथ ही, पर्यटन स्थलों जैसे कांगला किला, श्री गोविंदजी मंदिर और लोकतक झील के आसपास भी विशेष सफाई दल तैनात किए गए हैं।
फॉगिंग व्यवस्था को भी नया स्वरूप दिया गया है। नगर निगम ने मच्छरों और कीटों के प्रजनन को रोकने के लिए अब सप्ताह में तीन बार फॉगिंग कराने का निर्णय लिया है, जो पहले केवल सप्ताह में एक बार होती थी। यह फॉगिंग विशेष रूप से उन क्षेत्रों में की जा रही है जहां जलभराव की समस्या अधिक है और जहां डेंगू व मलेरिया के मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यह अभियान चलाया जा रहा है, जिससे मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इस पहल का स्वागत किया है। पाइसा ज़ुबा बाजार के एक व्यापारी ने बताया कि पहले कूड़ा अक्सर सड़कों पर पड़ा रहता था, जिससे बदबू और मक्खियों की समस्या होती थी, लेकिन अब नियमित उठाव से बाजार साफ-सुथरा रहता है। पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों ने भी सफाई व्यवस्था की सराहना की है, जिससे शहर की छवि में सुधार हुआ है।
नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे कूड़े को निर्धारित स्थानों पर ही डालें और स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग दें। इस पहल से इम्फाल को एक आदर्श स्वच्छ शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है, जो सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।